आहिस्ता चल ऐ ज़िंदगी कुछ क़र्ज़ चुकाने बाकी हैं
मजिलों की तलाश का मुशाफिर बनके आया हूँ
खुशियों के बाजार में दर्द से मिलना पड़ा।
अच्छे ने अच्छा और बुरे ने बुरा कहा हमें
क्योंकि जीतने वाले कभी हार नहीं मानते।”
पर कोई ये नहीं कहता कि लोग भी बदल जाते हैं।”
कभी-कभी टूटना जिंदगी का आगाज़ होता है।.
क्योंकि ये शिकायत उसे भी है जिसे ये जिंदगी सब देती है
पर कोई नहीं जानता कि अंदर कितना टूटा हूँ।”
दुखों से क्या डरना, जब खुशियों का हो साथ,
ज़िंदगी का असली अर्थ तभी समझ आता है जब हम ठहरकर सोचते हैं। ये Life Shayari in Hindi philosophical shayari on life आपको आत्मचिंतन करने पर मजबूर कर देगी।
खुशहाल रहना सीख, यही है सबसे बड़ा हुनर।
वो ज़िंदगी की सच्चाई को इतनी ख़ूबसूरती से बयां करते हैं कि हर लफ़्ज़ दिल में उतर जाता है।
जिंदगी एक रात है जिसमें ना जाने कितने ख्वाब है,